मुंबई: न जाने कितनों के सपने तबाह हुए, भगदड़ में दफन महानगर की कहानी

मुंबई: न जाने कितनों के सपने तबाह हुए, भगदड़ में दफन महानगर की कहानी

देधिया के जन्म से पहले ही यहां के मिल अपनी आखिरी सांस ले चुके थे। लेकिन यहां की जमीन सोना हो गई क्योंकि यह शहर के मध्य में स्थित था।